दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले पशु

केप भैंस

केप भैंस

केप भैंस, जिनकी संख्या लगभग 9 00,000 के आसपास है और उप-सहारा अफ्रीका में पाए जाते हैं, ये बड़े शांत प्रिय होते है ये सुबह से शाम तक चरते और आराम करते रहते है या फिर जहां कहीं पानी का तालाब या नदी दिखी वो उसके आसपास इकठ्ठा हो जाते है वैसे भी ये पानी के आसपास ही रहना पसंद करते है हंालाकि यदि कोई व्यक्ति उसे या उसके बछड़े को नुकसान पहुंचाने की कोशीश करता है तो ये उग्र हो जाते है और अपने उपनाम ( जिसे अफ्रिका मे काला मौत भी कहते है) को सार्थक कर देते है किसी भी महाद्वीप पर अन्य प्राणियों के मुकाबले केप भैंसो के द्वारा इंसानो की मौते ज्यादा होती है और इसकी बड़ी वजह है की ये छः फिट तक लंबे और वजन लगभग एक टन के बराबर होता है इनकी सींगे बड़ी और मजबूत होती है ये 35 गति किलोमीटर प्रति घंटे की रफतार से भाग सकता है पर इन सबसे भी भयानक ये है की भले ही ये घायल हो जाये ये आत्मसर्मपण नही करते ये लगातार हमला करते रहते है और घायल अवस्था मे तो ये और खतरनाक हो जाते है। साथ ही घायल होने के बावजूद ये कई किलोमीटर तक आराम स ेचल लेते है। ये अपने रास्ते मे आ रहे बड़े वाहनो पर भी हमला करने से नही चूकते।

कोन घोंघा

कोन घोंघा

उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (मुख्यतः कैरिबियन, हवाई और इंडोनेशियौ) में पाया जाने वाला सबसे खूबसूरत प्राणियो मे से एक है जिसका शरीर मूल्यवान भूरे और सफेद संगमरमर के गोल आकार मे समुद्र की तलहटी मे पाया जाने वाला कोन घांेघा है ये लेकिन 4 से 6 इंच लंबी गैस्ट्रोपोड को छूने की हिम्मत मत करना उनके छिपे हुए, हापून की तरह दांत में एक विषैला जहर होता है जिसे कोनोक्सॉक्सिन कहा जाता है, जिससे उन्हें घोंघे की सबसे विषेष प्रजातियों में से एक बनाता है। यदि आप ने गलती से इसे छू दिया है तो ये आपके लिये दुर्भाग्यपूर्ण है आपकोे आपातकालीन कमरे में तुरंत जाना होगा, क्योंकि इसका कोई एंटीविनिन नहीं है। विष एक दूसरे के साथ संचार से तंत्रिका कोशिकाओं को रोकता है तो प्राणी न केवल क्षणों में पक्षाघात का कारण बनता है, बल्कि सिगरेट घोंघे के अपने उपनाम के अनुसार, आपको मरने से पहले एक स्टिक सिगरेट धूम्रपान करने के लियें पर्याप्त समय देता है।

गोल्डेन जहर डार्ट मेढंक

गोल्डेन जहर डार्ट मेढंक

जहरीले चमकीले रंग के मेंढको का एक विशाल और विविध समूह है जो मुख्य रूप से उत्तरी दक्षिण अमेरिका में पाया जाता हैं, जिनमें से कुछ मुट्ठी भर प्रजातियां ही मनुष्यों के लिए विशेष रूप से खतरनाक होती हैं। सबसे घातक गोल्डेन जहर डार्ट, कोलंबिया के प्रशांत तट के साथ वर्षा वन की छोटी सी सीमा में रहते है, और लगभग दो इंच लंबाई (लगभग एक पेपर क्लिप के आकार) तक बढ़ते है। बतराकोटोक्सिन नामक इसकी जहर, इतनी ताकतवर है कि दस वयस्कों को मारने के लिए एक मेंढक में पर्याप्त है, केवल दो माइक्रोग्राम पिन इसके सर फिट रहता है से वो एक व्यक्ति को मारने के लिए काफी है। इसकी जहर ग्रंथियां इसके त्वचा के नीचे स्थित हैं, जिसका अर्थ है कि एक स्पर्श केवल परेशानी का कारण हो सकता है। आश्चर्य नहीं पुराने वक्त मे लोगों ने अपने स्वार्थ के लिये मेंढक का शिकार कर रहे है ताकि इनके विष का इस्तेमाल कर सके। अफसोस की बात है, वनों की कटाई से इनकी प्रजातिया खतरे मे पड़ गई है। अब ये दुर्लभ से ही दिखाई देते है।