ब्लॉग

मार्वल और डीसी कॉमिक्स में 10 भारतीय सुपरहीरा का आगमन

मार्वल और डीसी कॉमिक्स में 10 भारतीय सुपरहीरा का आगमन

माया डीसी यूनिवर्स में एक काल्पनिक भारतीय कॉमिक बुक सुपर हीरोइन है, और सबसे पहले जस्टिस लीग (1993) में दिखाई दी थी। वह उस समूह के सदस्य थी, जब तक कि उनका अलगाव नहीं हुआ। चंडी गुप्ता जब छोटी थी तभी उसे अपने शरीर मे अजीब सा बदलाव महसूस किया और खास शक्तियां निकलने लगी जो उसके किशोरावस्था मे भी बढ़ती रही ये देख उसके माता पिता को समझ मे नही आया की वो क्या करे वो उसे एक खास संप्रदाय के गुरू के पास इलाज के लिये भेज देते है उस संप्रदाय को गुरू उसे विश्वास दिलाता है की वो हिंदू देवता शिव का पुनर्जन्म है।
10 भारतीय ग्राफिक उपन्यास जो आपको अवश्य पढ़ना चाहिए

10 भारतीय ग्राफिक उपन्यास जो आपको अवश्य पढ़ना चाहिए

18 दिनों के इस युद्व मे प्रत्येक युद्व कला का उपयोग किया गया था। यह वो महाकाव्य है, जिसमें सबसे बड़ी सेनाओं ने भविष्य के भाग्य का फैसला करने के लिए अंतिम युद्ध के मैदान में एक-दूसरे का आमना सामना किया था । यह हार्डकवर सचित्र पुस्तक और ग्राफिक इंडिया से डिजिटल ई-बुक पाठकों को मिथरीन द्वारा विकसित पौराणिक एनिमेटेड श्रृंखला की पहली झलक देगी। पुस्तक में प्रशंसित लेखक की प्रक्रिया के अंदरूनी कामकाज का पता चलता है और मूल एनीमेशन स्क्रिप्ट, कहानी बाइबिल, वर्ण वर्णन और टिप्पणियां प्रस्तुत करता है।
बॉलीवुड के 100 साल

बॉलीवुड के 100 साल

भारतीय सिनेमा की एक पहचान है जो बहुत ही अनोखी और बेजोड़ है। हम काले और सफेद मूक फिल्मों से 3 डी तक चले गए हैं, लेकिन हमारी सिनेमा अपने बुनियादी साख को बरकरार रखे हुए है। यहां तक कि इंटरनेट डाउनलोड और टेलीविजन भारतीय फिल्मों को जोरदार टक्क्र दे रही है, लेकिन 35 मिमी का आकर्षण पूरी तरह कुछ और है। यह फाल्के थे जिन्होंने एक समय में भारत को विश्व सिनेमा के लिए पेश किया था जब फिल्मों में काम करना निषिद्ध था। उनकी फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' की सफलता के बाद, बॉम्बे और मद्रास में कई फिल्म निर्माताओं ने मूक फिल्में बनाने शुरू किया।
कविता एक सामाजिक घटना है, यह हमारे आसपास की दुनिया के साथ जोड़ने का एक जरिया हैः अभय कुमार

कविता एक सामाजिक घटना है, यह हमारे आसपास की दुनिया के साथ जोड़ने का एक जरिया हैः अभय कुमार

अभय कुमार (जन्म 1980) (साहित्यिक नाम अभय कश्मीर) एक भारतीय कवि-राजनयिक और कलाकार है। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं जिसमें 'सिडक्शन आॅफ दिल्ली' और 'रिवर वैली टु सिलीकाॅन वैली' शामिल हैं। उनके लेखन में डिजिटल कूटनीति, दार्शनिक कविता, कला और वैश्विक लोकतंत्र शामिल थे। उनके द्वारा लिखी गयी 'द अर्थ साॅग' जिसे आठ भाषाओं मे निर्मित और निर्देशित किया गया उसकी बहुत इसकी प्रशंसा की गई। उन्होंने दक्षिण एशियाई गान को एक आधिकारिक सार्क गान के लिए खोज करते हुए लिखा।
दो जानवरो के बीच एक अनोखी दोस्ती

दो जानवरो के बीच एक अनोखी दोस्ती

आकार में बड़े अंतर होने के बावजूद बबल्स हाथी और बेला के बीच मजबूत दोस्ती हो गयी है। बबल्स को अफ्रीका में हाथीदांत शिकारियों से बचाया जाने के बाद अमेरिका में सफारी रिजर्व में लाया गया था, जबकि बेला को पार्क के मालिक ने वहां से छोड़ा था। दोनों एक साथ देखा लोगो के लिये आश्र्चय और खुशी देता है खास कर तब जब बेला बबल्स को नदी मे किसी सर्फ बोर्ड की तरफ उपयोग करती है।
आधुनिक रूसी साहित्य के जनकः अलेक्सांद्र सर्गेविच पुश्किन

आधुनिक रूसी साहित्य के जनकः अलेक्सांद्र सर्गेविच पुश्किन

पुश्किन को आधुनिक रूसी साहित्य का जनक माना जाता है। उन्होंने समकालीन यथार्थ को पुनर्जागरण के नजरिए से देखा। मनुष्य के आन्तरिक मूल्ययों, उसकी आस्था, मनवीय क्षमता और विश्वास को सृजनात्मक अभिव्यक्ति दी। उन्होंने पारंपरिक मान्यताओं को तोड़ा और अवधारणा, भाषा-शिल्प सभी स्तरों पर नई उद्भावनायें कीं। सामाजिक विद्रोी और साहस को रूपायित करने के पीछे मूलतः उनकी विश्वदृष्टि की केन्द्रीय भूमिका थी।
अनिकेत की डायरी पार्ट-1

अनिकेत की डायरी पार्ट-1

एक दिन ट्रैन मे स्लीपर ड्यूटी के दौरान ही एक यात्री ने मुझे एक मोटी-सी डायरी दी कि यह टीटी बाबू की छूट गयी है। आपके आने के पहले चेकिंग पार्टी के टीटी लोग यहां बैठै थे। वे मुगलसराय से इस गाड़ी मे चढ़े थे। चेंकिग करने के बाद यहीं बैठ गए थे यह केबिन खाली ही थी एगो टीटी बाबू जो बुजुर्ग से थे साईड वाली बर्थ पर बैठकर कुछ लिख पढ रहे थे। पैन्ट्रीकार से चाय आयी थी सब लोग चाय पी ही रहे थे की आपलोगो के अफसर ने शायद एसी कोच मे थे खबर भिजवाई की अगले स्टापेज पर उतर जाना है कोई दूसरी गाड़ी चेक करना है सासाराम स्टेशन पर टीटी उतर गए।
अनिकेत की डायरी पार्ट--- मंत्री जी का विशेषाधिकार

अनिकेत की डायरी पार्ट--- मंत्री जी का विशेषाधिकार

नार्थ इस्ट एक्सप्रेस, एक गाड़ी है जिसमे हर रोज कुछ न कुछ घटता ही रहता है। कभी मिलिट्री यात्रियों का उत्पात......तो कभी नेताओं का, कन्डक्टर विवेक से काम न ले तो हर दिन पिटना तय है। परसो की ही बात है.... नार्थ इस्ट एक्सप्रेस में मेरी ड्युटी थी गाड़ी आने के पहले ही एक मेमो बैच इंचार्ज (टी.सी) ने दिया और दूसरा डिप्टी एसएस ने... दोनों का मजमून एक ही था पटना से बिहार के चार मंत्रियो को कटिहार जाना है, उनके लिए सेकेण्ड एसी में चार बर्थ चाहिए। गाड़ी आने पर पिछले कन्डक्टर ने बता दिया कि एक भी जगह खाली नहीं है। मैनें बैच इंचार्ज और डिप्टी एसएस दोनों को बता दिया कि कोई जगह नहीं है।
नाहक ही डर गई, हुजूरः नागार्जुन

नाहक ही डर गई, हुजूरः नागार्जुन

30 जून सन् 1911 के दिन ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का चन्द्रमा हिन्दी काव्य जगत के उस दिवाकर के उदय का साक्षी था, जिसने अपनी फकीरी और बेबाकी से अपनी अनोखी पहचान बनाई। कबीर की पीढ़ी का यह महान कवि नागार्जुन के नाम से जाना गया। नागार्जुन का जन्म उसके ननिहाल सतलखा जिला दरभंगा (बिहार) में सन् 1911 में हुआ था इनका पैत्रिक गाँव तरौनी, जिला मधुबनी था उनका मूल नाम वैधनाथ मिश्र था इनकी प्राम्भिक शिक्षा स्थानीय संस्कृत पाठशाला में हुई उच्च शिक्षा वाराणसी और
बैंगलोर-एक ग्राफिक उपन्यास एवरी सिटी इज ए स्टोरी

बैंगलोर-एक ग्राफिक उपन्यास एवरी सिटी इज ए स्टोरी

बैंगलोर का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग चीज है। और अब 18 कलाकारों और लेखकों ने 9 कहानियों के माध्यम से शहर के अपने बहुरूपदर्शक संस्करण प्रस्तुत करने के लिए एक जुट हुये है। यह एक ऐसा शहर है जहां राशि भागों से अधिक है, यह एक ऐसा विजन है जो अतीत, वर्तमान और भविष्य का मिश्रण करता है। ये कहानी है उन योगदानकर्ताओं का जिनका जन्म यहीं हुया और बड़े हुये जिन्होने किसी गुजरने वाले यात्रियो की तरह जिंदगी जिया और उनका भी जो इस शहर मे आये और अपना दिल इस शहर को दे दिया। बैंगलोरू हर शहर का एक ग्राफिक उपन्यास एक कहानी है
बॉलीवुड फिल्मों आधारित ग्राफिक उपन्यास

बॉलीवुड फिल्मों आधारित ग्राफिक उपन्यास

'द लेजेंड ऑफ़ बुलेट राजा सफलता के बाद- 'बुलेट राजा' के चरित्र के चारों ओर निर्मित एक ग्राफिक उपन्यास श्रृंखला, जो दो महीने पहले लॉन्च होने के बाद से डिजिटल स्पेस में बड़ी हिट साबित हुई, बुलटेल के निर्माता राज भी कॉमिक बुक के रूप में इसे बाहर लाने की योजना बना रहे हैं। और हमें बताया गया है कि बुलेट राजा खुद - सैफ अली खान की वजह से हो रहा है। कॉमिक्स के एक प्रेमी, सैफ अपने प्रशंसकों की प्रतिक्रिया से अभिभूत हैं, इंटरनेट पर ग्राफिक उपन्यास श्रृंखला के लिए और इसलिए वह इसे प्रिंट में बाहर लाने के विचार के साथ आया!
भारत के सड़को के बुक बॉयज

भारत के सड़को के बुक बॉयज

मुझे पता है कि लोग इसे पाइरेट्स संस्करण कहते हैं। लेकिन मेरे लिए यह एक सम्मान है, और इस युवा बच्चे को पैसा बनाने के लिए एक ईमानदार तरीका है। ये कहना है विश्वप्रशिद्व लेखक पाउलो कोइल्हो जिन्होने ये प्रतिक्रिया तब दी जब उनके एक प्रशंसक ने दिल्ली से एक फोटो उन्हे भेजा जिसमे एक बच्चा अपने छोटे हाथो मे ढेर सारी नकली छपी किताब सड़को पर रेड लाईट के सामने बेच रहा था जिसमे उनकी किताब (पाउलो कोइल्हो) की भी थी।
दादा साहेब फालकेः भारतीय सिनेमा के जनक

दादा साहेब फालकेः भारतीय सिनेमा के जनक

माया डीसी यूनिवर्स में एक काल्पनिक भारतीय कॉमिक बुक सुपर हीरोइन है, और सबसे पहले जस्टिस लीग (1993) में दिखाई दी थी। वह उस समूह के सदस्य थी, जब तक कि उनका अलगाव नहीं हुआ। चंडी गुप्ता जब छोटी थी तभी उसे अपने शरीर मे अजीब सा बदलाव महसूस किया और खास शक्तियां निकलने लगी जो उसके किशोरावस्था मे भी बढ़ती रही ये देख उसके माता पिता को समझ मे नही आया की वो क्या करे वो उसे एक खास संप्रदाय के गुरू के पास इलाज के लिये भेज देते है उस संप्रदाय को गुरू उसे विश्वास दिलाता है की वो हिंदू देवता शिव का पुनर्जन्म है।
डेन ब्राउन के साथ यह साक्षात्कार द दा विंची कोड पर केंद्रित है।

डेन ब्राउन के साथ यह साक्षात्कार द दा विंची कोड पर केंद्रित है।

डैन ब्राउन # 1 न्यू यॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर, द दा विंची कोड सहित कई बेस्टसेलिंग उपन्यासों के लेखक हैं वह एम्हेर्स्ट कॉलेज और फिलिप्स एक्सेटर अकादमी के स्नातक हैं, जहां उन्होंने अपने प्रयासों को पूरी तरह से लेखन करने से पहले अंग्रेजी शिक्षक के रूप में समय बिताया। 1996 में डैन को कोड-तोड़ने और गुप्त सरकारी एजेंसियों में रुचि रखने के कारण उन्होने अपना पहला उपन्यास इसी पर लिख डाला। नाम था 'डिजिटल फाॅर्टीज', जो कि जल्दी ही देश मे बिकने वाला नम्बर
हन्टर्स, फ्लैशबैक, नो मेन्स लैंड और फीनिक्स के बाद आ रही है सुपर कमांडो ध्रुव की रोमांचक कॉमिक श्रृंखला बालचरित की पांचवी कड़ी डेड एंड

हन्टर्स, फ्लैशबैक, नो मेन्स लैंड और फीनिक्स के बाद आ रही है सुपर कमांडो ध्रुव की रोमांचक कॉमिक श्रृंखला बालचरित की पांचवी कड़ी डेड एंड

जुपिटर सर्कस का कुशल कलाबाज 'ध्रुव' जिसने सर्कस मे सीखे अपने छोटे से छोटे कौशल का हर छोटे-बड़े खतरे से उस शहर की रक्षा के लिए 'सुपर कमांडो ध्रुव' के रूप मे प्रयोग किया जिसका नाम है राजनगर! लेकिन उसी सर्कस ने खड़ी कर दी है ध्रुव और उसके परिवार के बीच मतभेद की दीवार और पैदा कर दी है राजनगर के लिए एक ऐसी मुसिबत जिसने खतरे में डाल दी है राजनगर की सुरक्षा के साथ ही ध्रुव की बहन श्वेता उसकी मां रजनी के
डोगा अस्त, डोगा कॉमिक्स की उन्मूलन श्रृंखला का अंतिम भाग की समीक्षा

डोगा अस्त, डोगा कॉमिक्स की उन्मूलन श्रृंखला का अंतिम भाग की समीक्षा

डोगा अस्त, डोगा कॉमिक्स की उन्मूलन श्रृंखला का अंतिम भाग है, 8 भागो के इस श्रृंखला की शुरुआत डोगा निर्मुलक के साथ हुई थी। जहां हमें डोगा के अतीत के बारे में अधिक जानकारी मिलती है, जहां वह झुग्गी बस्तियों में रहते थे। एक दिन वह अंशु नाम के एक युवा लड़के से मिलता हैं, जिसने इसलिये रोटी चोरी की थी क्योंकि उसके पास पैसे नहीं थे। अंशु उसका दोस्त बन जाता हैै और सूरज उर्फ भविष्य के डोगा को वो अपने घर ले जाता है, जहां उसे पता चलता है कि कुछ अपराधी उसके माता-पिता को मार चुके हैं।
खाड़ी युद्ध के निहितार्थ

खाड़ी युद्ध के निहितार्थ

कभी-कभी एक की भूल दूसरे के लिए अवसर बन जाती है- यह उक्ति खाड़ी युद्ध के सन्दर्भ में पूरी तरह चरितार्थ होती है। इराक ने जब कुवैत पर कब्जा किया था, तब उसने इस बात की कल्पना नहीं की थी कि उसे इसका इतना बड़ा खामियाजा भुगतना पड़े़गा। 'कुवैत की मुक्ति' के तथाकथित नैतिक लक्ष्य ने अमेरिका को वह अवसर मुहैया करा दिया जिसकी तलाश उसे लम्बे समय से थी। अमेरिका की लम्बे समय से यह एक दबी हुई इच्छा थी कि
हैदराबाद-ए ग्राफिक नाॅवेल

हैदराबाद-ए ग्राफिक नाॅवेल

हैदराबाद का इतिहास, भारत के डेक्कन क्षेत्र में एक शहर, 400 वर्षों में फैला है। यह मिथक और किंवदंती में समृद्ध इतिहास है। एक इतिहास जो अपने शानदार हीरे की खानों से लेकर दुनिया की सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों में से एक के रूप में अपनी वर्तमान स्थिति तक है। हैदराबाद ए ग्राफिक नोवल प्रत्येक शहर का हिस्सा है, एक कहानी है, एक अनोखी शहर-केंद्रित कहानी।
भारत का पहला रॉकेट और उपग्रह जिसे लाया गया था साइकिल और बैलगाड़ी पर

भारत का पहला रॉकेट और उपग्रह जिसे लाया गया था साइकिल और बैलगाड़ी पर

यह 53 वर्ष पहले 21 नवंबर, तिनंवतपुरम के बाहरी इलाके मे एक छोटा सा राॅकेट उतारा गया और ये घोषणा की गयी थी की ये जगह भविष्य मे राॅकेट लांचीग के लिए जाना जायेगा और हकीकत मे बाद मे उस जगह नाम थंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्च स्टेशन (टीईआरएलएस) के रूप में जाना जाने लगा और बाद में विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) बन गया।
बॉलीवुड फिल्म में अब स्टेन ली के भारतीय सुपर हीरो 'चक्र'

बॉलीवुड फिल्म में अब स्टेन ली के भारतीय सुपर हीरो 'चक्र'

चक्र एक भारतीय किशोर, राजू राय, मुंबई में रहने वाले एक प्रौद्योगिकी प्रतिभाशाली युवक की कहानी है। मानव क्षमता के रहस्यों के पर्ते खोलने के लिए विज्ञान का उपयोग कर, राजू एक तकनीकी रूप से बढ़ाया गया सूट विकसित करता है जो शरीर के रहस्यमय चक्रों को सक्रिय करता है, नई क्षमताओं और शक्तियों को अनवरोधित करता है।
काला-पानी जेलः एक कड़वा इतिहास

काला-पानी जेलः एक कड़वा इतिहास

सेलुलर जेल, जिसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (भारत) में स्थित काला पानी के रूप में भी जाना जाता है। और इसे काला पानी इसलिये भी कहते है क्योंकि सावन के मौसम मे द्विप का पानी काला दिखाई पड़ता है। भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दौरान जेल कई उल्लेखनीय भारतीय कार्यकर्ताओं के जेल जाने के लिए जाने जाते थे। सेलुलर जेल भारत में औपनिवेशिक शासन के इतिहास में सबसे कुख्यात पन्नो में से एक है।
खूनी दरवाजाः कई हत्याओ का गवाह

खूनी दरवाजाः कई हत्याओ का गवाह

माया डीसी यूनिवर्स में एक काल्पनिक भारतीय कॉमिक बुक सुपर हीरोइन है, और सबसे पहले जस्टिस लीग (1993) में दिखाई दी थी। वह उस समूह के सदस्य थी, जब तक कि उनका अलगाव नहीं हुआ। चंडी गुप्ता जब छोटी थी तभी उसे अपने शरीर मे अजीब सा बदलाव महसूस किया और खास शक्तियां निकलने लगी जो उसके किशोरावस्था मे भी बढ़ती रही ये देख उसके माता पिता को समझ मे नही आया की वो क्या करे वो उसे एक खास संप्रदाय के गुरू के पास इलाज के लिये भेज देते है उस संप्रदाय को गुरू उसे विश्वास दिलाता है की वो हिंदू देवता शिव का पुनर्जन्म है।
समाज में दो ही वर्ग होते हैं पूंजीपति और सर्वहाराः कार्ल मार्क्स

समाज में दो ही वर्ग होते हैं पूंजीपति और सर्वहाराः कार्ल मार्क्स

मार्क्स चाहते थे कि उन्हें हमेशा समाजशास्त्री के तौर पर देखा जाए न कि दार्शनिक के तौर पर। उनके सिद्धांतों के केंद्र में काम का विश्लेषण था। मार्क्स से संबंधित एक पत्रिका के प्रकाशक जीगफ्रीड लंड्सहूट और जेपी मायर कहते हैं, इंसान ऐसा जानवर है जो खुद को बनाता है। श्रम के विश्लेषण के लिए आर्थिक पहलुओं को समझना जरूरी था। यह ज्ञान मार्क्स को उनके दोस्त और सहयोगी फ्रेडरिक एंजिल ने दिया।
किसका मीडिया कैसा मीडिया

किसका मीडिया कैसा मीडिया

माया डीसी यूनिवर्स में एक काल्पनिक भारतीय कॉमिक बुक सुपर हीरोइन है, और सबसे पहले जस्टिस लीग (1993) में दिखाई दी थी। वह उस समूह के सदस्य थी, जब तक कि उनका अलगाव नहीं हुआ। चंडी गुप्ता जब छोटी थी तभी उसे अपने शरीर मे अजीब सा बदलाव महसूस किया और खास शक्तियां निकलने लगी जो उसके किशोरावस्था मे भी बढ़ती रही ये देख उसके माता पिता को समझ मे नही आया की वो क्या करे वो उसे एक खास संप्रदाय के गुरू के पास इलाज के लिये भेज देते है उस संप्रदाय को गुरू उसे विश्वास दिलाता है की वो हिंदू देवता शिव का पुनर्जन्म है।
इस दुनिया का कोई भी इंसान या नाग नही कर सकता नागराज की मृत्यु की....क्षतिपूर्ति

इस दुनिया का कोई भी इंसान या नाग नही कर सकता नागराज की मृत्यु की....क्षतिपूर्ति

क्षतिपूर्ति नागराज की 200वीं कॉमिक्स है जिसका इंतजार पाठको को वीरगति पढने के बाद बड़ी बेसब्री से था। 'क्षतिपूर्ति' अगर सच मे कहा जाय तो ये नाम इस काॅमिक पर सटिक बैठती है। क्योंकि इस काॅमिक्स में हर कोई अपनी क्षतिपुर्ति कर रहा है चाहे वो नागराज के खास दुश्मन हो या विश्व के खूंखार आंतकवादी। सभी नागराज के डर से भयमुक्त हो चुके है किंतु जैसे की कहा जाता है जहां अंत है वहां शुरूवात भी
कुलधरा गाँवः ब्राह्मणों द्वारा शापित और त्यागा हुआ

कुलधरा गाँवः ब्राह्मणों द्वारा शापित और त्यागा हुआ

कुलधरा गाँव ब्राह्मणों के क्रोध का प्रतीक- जहां आज भी लोग जाने से डरते हैं। राजस्थान के जैसलमेर शहर से 18 किमी दूर स्थित कुलधरा गाव आज से 500 साल पहले 600 घरो और 85 गावो का पालीवाल ब्राह्मणों का साम्राज्य ऐसा राज्य था जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। गाँव का निर्माण १३वीं शताब्दी में था लेकिन कुछ अज्ञात कारणों से १९वीं शताब्दी में गाँव का पतन यानी विनाश हो गया था ये बात सभी जानते है रेगिस्तान के
मार्वल बनाम डीसी कॉमिकः वे कैसे अलग है एक दूसरे से।

मार्वल बनाम डीसी कॉमिकः वे कैसे अलग है एक दूसरे से।

मार्वल और डीसी कॉमिक, काॅमिक्स प्रकाशको में सबसे जाना माना नाम और शायद सबसे बड़े प्रकाशक भी। अकसर काॅमिक्स प्रशंसको के बीच ये कौतुहूल का विषय रहा है की दोनो मे कौन सबसे बेहतर है और इसके कई कारण भी है जैसे डीसी कॉमिक्स और उसके पात्रों को अक्सर अंधेरे, गंभीर और चिंतीत रहने के लिए जाना जाता है इनका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण बैटमैन है जबकि, मार्वल कम गंभीर, हल्का और मनोरंजन पर और अधिक ध्यान केंद्रित करता है। उदाहरण के लिए डेड पूल।
माता हारीः एक आकर्षक इग्जॉटिक डांसर और शातिर महिला जासूस

माता हारीः एक आकर्षक इग्जॉटिक डांसर और शातिर महिला जासूस

1905 मे वो पेरीस चली गयी। नृत्य में खास अंदाज की वजह से उन्हें बहुत जल्दी लोकप्रियता मिली. शायद उनका डांस ही वह कड़ी था जिसकी वजह से वह लोगों के बीच लोकप्रिय होती चली गईं. इसके बाद डांस की प्रस्तुतियों के लिए ही वह पूरे यूरोप में काफी यात्राएं करने लगीं. माता हारी के नृत्य के लोग कायल हुआ करते थे. पहले विश्व युद्ध के समय तक वह एक डांसर और स्ट्रिपर के रूप में मशहूर हो गई थीं.
यदि आपका इरादा अच्छा है, तो भगवान आपके धनदाता बन जाते हैंः आबादी सुरती

यदि आपका इरादा अच्छा है, तो भगवान आपके धनदाता बन जाते हैंः आबादी सुरती

सुरती बताते हैं कि उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता और अधिकांश बचपन फुटपाथ पर गुजरा. बीबीसी के साथ फेसबुक लाइव में सुरती बताते हैं कि विभाजन के समय उनका आधा कुनबा पाकिस्तान चला गया था और उनकी माँ की जिद के कारण आधा कुनबा हिंदुस्तान में रुक गया. उन्होंने बताया, हम सभी लोग एक खोली में रहते थे. फुटपाथ पर सोते थे. हमारी परवरिश करीब-करीब फुटपाथ पर ही हुई. सुरती के कार्टूनों की तरफ रुझान बढ़ने की घटना भी कुछ कम मजेदार नहीं थी
- Advertisement -

ट्रेंडिंग

’आजादी के बाद का प्रेमचंद’-फणीश्वर नाथ ’रेणु’

’आजादी के बाद का प्रेमचंद’-फणीश्वर नाथ ’रेणु’

फणीश्वर नाथ ’रेणु’ हिंदी साहित्य के प्रेमचंद काल के बाद के क्रांतिकारी उपन्यासकार थे। वह समकालीन ग्रामीण भारत की आवाज और अग्रदूतों के बीच मुख्यधारा की हिंदी साहित्य में क्षेत्रीय आवाज लाने वाले लेखक थें। उनका जन्म 4 मार्च 1921 को पूर्णिया जिले के औरही हिंगना में हुआ था। उन्होंने अररिया और फॉरबिसगंज में अपनी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की।...