माता हारीः एक आकर्षक इग्जॉटिक डांसर और शातिर महिला जासूस

माता हारीः एक आकर्षक इग्जॉटिक डांसर और शातिर महिला जासूस

माता हारी जासूसी की दुनिया में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और विवादीत रहीं। नीदरलैंड में जन्मीं यह महिला खुद को इग्जॉटिक डांसर कहती थीं। 18 साल की मार्गरेटा ने अपने से दोगुनी उम्र के एक डच सैनिक अफसर से शादी की जो इंडोनेशिया में तैनात था. लेकिन वह एक शराबी निकला और उसे यातनाएं देता था. मार्गरेटा ने उसे छोड़ दिया.

1905 मे वो पेरीस चली गयी। नृत्य में खास अंदाज की वजह से उन्हें बहुत जल्दी लोकप्रियता मिली. शायद उनका डांस ही वह कड़ी था जिसकी वजह से वह लोगों के बीच लोकप्रिय होती चली गईं. इसके बाद डांस की प्रस्तुतियों के लिए ही वह पूरे यूरोप में काफी यात्राएं करने लगीं. माता हारी के नृत्य के लोग कायल हुआ करते थे. पहले विश्व युद्ध के समय तक वह एक डांसर और स्ट्रिपर के रूप में मशहूर हो गई थीं. उनका कार्यक्रम देखने कई देशों के लोग और सेना के बड़े अधिकारी पहुंचा करते थे. इसी मेलजोल के दौरान गुप्त जानकारियां एक से दूसरे पक्ष को दी जाने लगीं. ऐसा माना जाता है कि माता हारी हिटलर और फ्रांस दोनों के लिए जासूसी किया करती थीं. विश्वयुद्ध शुरू होते ही फ्रांस ने उसे जर्मनी का जासूस समझा वहीं दूसरी ओर जर्मनी उसे फ्रांस का जासूस समझने लगा। ऐसा भी माना जाता है कि वह दोनों देशों को बेवकूफ बनाकर दोनों से पैसा कमा रही थी। हालांकि ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों ने सबसे पहले सबूत जुटाकर उसे बेनकाब कर दिया। माता हरी को कोड नेम एच-21 के नाम से जाना जाता था

माता हारीः एक आकर्षक इग्जॉटिक डांसर और शातिर महिला जासूस

 

हालांकि उनकी मौत के बहुत बाद सत्तर के दशक में जब जर्मनी के गोपनीय दस्तावेज बाहर आए तो इस बात से पर्दा उठ गया कि वह जर्मनी के लिए ही जासूसी करती थीं. जासूसी के आरोप में उन्हें वर्ष 1917 में फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया था. हालांकि जब तक उन पर मुकदमा चला तब तक उन्होंने कभी नहीं माना कि वे एक जासूस हैं. वे लगातार इस बात का विरोध करती रहीं. उन्होंने कोर्ट में सुनवाई केे दौरान कहा था कि मैं सिर्फ एक नृत्यांगना हूं, इसके अलावा और कुछ भी नहीं. लेकिन मुकदमे में उन पर गुप्त जानकारी दुश्मन पक्ष को देने का आरोप सिद्ध हुआ. सजा के तौर पर आंखों पर पट्टी बांध कर उन्हें गोली मारने की सजा दी गई। 15 अक्टूबर को उन्हें गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया गया. कहते हैं कि जब माता हारी फायरिंग स्क्वॉड के सामने खड़ी थीं तो उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधने से इनकार कर दिया था।

माता हारी के जीवन पर एक मशहूर लेखक पाउलो कोएलो ने एक उपन्यास भी लिखा जिसका नाम था ‘द स्पाई’ ! कोएलो ने अपने उपन्यास में माता हारी के लिए लिखा की माता हारी एक आजाद खयालों वाली महिला थी जिन्होंने अपने लिए एक आजाद जीवन का चुनाव किया जो किसी भी बंधनों से मुक्त था ! कोएलो ने अपने उपन्यास के माध्यम से माता हारी के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि माता हारी का जुर्म सिर्फ इतना था कि वह एक आजाद महिला थी ! माता हारी वाकई जासूस थी या नहीं इसके लिए अगले 20 सालों तक जर्मनी, इंग्लैंड और नीदरलैंड्स के अधिकारी जाँच करते रहे लेकिन उन्हें कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया !