नागराज

नागराज

नागराज का सर्वप्रथम अंक सुप्रसिद्ध लेखक परशुराम शर्मा द्वारा लिखा गया था और इसे प्रताप मलिक ने चित्रित किया था। मलिक ने 1995 तक लगभग 50 अंकों के लिए इस चरित्र का सफलतापूर्वक चित्रण किया था। 1995 के बाद से, चित्रण का काम चित्रकार और लेखक अनुपम सिन्हा ने संभाल लिया। आज नागराज जो कुछ भी है, वह भारतीय कॉमिक उद्योग के इन दिग्गज प्रताप मलिक और अनुपम सिन्हा की वजह से है।

नागराज का चरित्र पौराणिक इच्छाधारी नाग (आकार बदलने वाले सांप), ऐतिहासिक विषैला मानव से प्रेरित माना जाता है। उसकी कहानियों में पुराण, कल्पना, जादू और विज्ञान गल्प का समृद्ध मिश्रण है। नागराज के कई प्रशंसकों का यह मानना है कि समय के साथ नागराज कॉमिक्स ने अपना ही एक सर्प पुराण विकसित किया है जो जनता के बीच सांपों के बारे में प्रचलित लोकप्रिय भारतीय मान्यताओं के लिए अद्वितीय है।

नागराज की मूलतः कल्पना अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के एक दुश्मन के रूप में की गई थी। दिलचस्प बात यह है कि अपने पहले अंक में नागराज को दुष्ट वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर नागमणि द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी हथियार के रूप में प्रवर्तित किया गया था। नागराज को इस पहले मिशन में आदिवासी भक्तों, सांपों और रहस्यमय 300 से भी ज़्यादा उम्र के गोरखनाथ बाबा नामक बूढ़े साधु से संरक्षित एक मंदिर से देवी की मूर्ति चुराने का जिम्मा सौंपा गया था। नागराज अपने कार्य में सफल रहा, लेकिन गोरखनाथ और उनके रहस्यमय काले नेवले शिकांगी से मुक़ाबले में परास्त हो गया। गोरखनाथ ने उसका मन पढ़ लिया और पता लगाया कि प्रोफ़ोसर नागमणि ने नागराज को अपने नियंत्रण में रखने के लिए उसके सिर में एक कैप्सूल के रूप में मन को नियंत्रित करने वाले यंत्र का प्रत्यारोपण किया है। गोरखनाथ ने शल्य-चिकित्सा की और नागराज के सिर से कैप्सूल को हटा दिया, जिससे नागराज प्रोफ़ेसर नागमणि के नियंत्रण से मुक्त हो गया। इसके बाद नागराज बाबा गोरखनाथ का शिष्य बन गया और उसने पृथ्वी से अपराध और आतंकवाद को ख़त्म करने की क़सम खाई. तब से नागराज ने तीन बार विश्व का दौरा किया और कई खलनायकों और आतंकवादियों को हराया. सम्प्रति नागराज एक काल्पनिक शहर महानगर में अपने ही गोपनीय स्वामित्व वाले टी.वी. चैनल के कर्मचारी राज के रूप में जीवन यापन कर रहा है।

विसर्पी

विसर्पी

विसर्पी के पिता राजा मणिराज उसकी मां मणिका रानी नागद्विप के सम्राट थे उसका एक भाई भी था विषप्रिय जो दो चोर जो नागद्विप से देवी की मणि चुरा कर भाग गये थे उसके पकड़ने के चक्कर मे एक सपेरा शंकर शंहशाह के हाथे मारा गया था और तब विसर्पी उस द्विप की साम्राज्ञी बनी।

सौडंगी

सौडंगी

उसके शरीर पर बसने वाली कांटों भरे शरीर की एक मिस्र सर्पिणी

नगीना

नगीना

एक महिला तांत्रिक और आकार बदलने वाली सांप

नागपाशा

नागपाशा

नागपाशा नागराज का सबसे खतरनाक दुश्मन जो नागराज को कितनी बार मारने की कोशीश कर चुका है वो रिश्ते मे उसका चाचा भी है और नागराज के पिता तक्षकराज का छोटा भाई।